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गर्भपात करने के घरेलू तरीके आयुर्वेदिक नुस्खे व उपाय Home tips for Abortion in Hindi

कई जगहों पर गर्भपात करने के घरेलू नुस्खे के तरीके काम में लिए जाते हैं. यह गर्भपात करने के तरीके आयुर्वेदिक देशी व होममेड होते हैं. आज हम घरेलू तरीकों से होने वाले गर्भपात के बारे में तथा क्या यह सही है और सुरक्षित है इस बारे में चर्चा करेंगे.
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गर्भपात कैसे होता है.
Abortion meaning in hindi.
गर्भपात का परिभाषित अर्थ (meaning of abortion in hindi) होता है की गर्भाशय या बच्चेदानी से अर्धविकसित भ्रूण का निष्कासित होना. जब गर्भपात अपने आप हो जाता है तो मिसकैरेज कहा जाता है और यदि अनचाहे गर्भ या असुरक्षित गर्भ को जानबूझकर गर्भपात किया जाता है तो अबॉर्शन कहलाता है.
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गर्भपात के नियम व कानून
विश्व के कई देशों में गर्भपात को कानूनी स्वीकृति दी गई है, लेकिन गर्भपात के लिए कई नियम कायदे बने हुए हैं, उनकी पालना करके ही कानूनन गर्भपात किया जा सकता है. कानून अनुसार 5 महीने या 24 हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान गर्भपात करवा सकते हैं. इसके लिए विभिन्न प्रकार की गर्भपात की परिस्थितियां इन नियमों में बताई गई है.
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घर पर ही गर्भपात कैसे करते हैं
How to abortion at home in Hindi

यदि गर्भवती स्त्री के गर्भावस्था का समय 9 हफ्तों से कम होता है तो ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह से घर पर ही गर्भपात करवा सकती है. कई बार घर पर गर्भपात करना खतरनाक भी हो सकता है इसलिए इसी विशेषज्ञ की सलाह और देखरेख में ही घर पर गर्भपात करवाना चाहिए. घर पर गर्भपात करने से पहले इसके बारे में पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए.

गर्भपात करने के घरेलू तरीके आयुर्वेदिक नुस्खे उपाय
Desi Ayurvedik homemade tips for abortion in Hindi

गर्भपात के घरेलू नुस्खे के तरीके से भी घर पर अबॉर्शन किया जाता है. हालांकि इन घरेलू तरीकों से अबॉर्शन करना या गर्भपात करना सुरक्षित नहीं रहता है और यह होममेड देसी आयुर्वेदिक नुस्खे से गर्भपात करना नुकसानदायक भी हो सकता है. गर्भपात करने के कुछ प्रमुख घरेलू उपाय व तरीके निम्न है-
1- पपीता से गर्भपात : ऐसी मान्यता है कि कच्चे पपीता के लगातार सेवन से गर्भपात अपने आप ही हो जाता है. कई जगह माना जाता है कि कच्चे या पके पपीता के सेवन से अबॉर्शन होना निश्चित होता है. पपीता के लेटेक्स में प्रोस्टाग्लैंडीन और ऑक्सीटोसिन हार्मोन तथा पपेन एंजाइम होते हैं जो गर्भपात कारण बनता है.
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2- अनानास से गर्भपात : अनानास का सेवन अधिक मात्रा में करने से भी अबॉर्शन हो जाता है क्योंकि इसमें ब्रोमेलैन नामक एंजाइम पाया जाता है, जो पपीते में पाए जाने वाले पपेन नामक एंजाइम की तरह ही गर्भपात कराने में सहायक होता है. इसीलिए सुरक्षित गर्भावस्था के लिए पपीते और अनानास फल का सेवन वर्जित होता है.

3- विटामिन सी से गर्भपात : कई जगह ऐसी मान्यता है कि विटामिन सी के ज्यादा सेवन से अबॉर्शन हो जाता है इसलिए प्राकृतिक रूप से गर्भपात करने के लिए विटामिन सी की ज्यादा मात्रा में सेवन की सलाह कई लोग देते हैं. इस तरीके से गर्भपात करने के लिए गर्भवती महिलाएं विटामिन सी की प्रचुरता वाले फल, सब्जियों या विटामिन सी की गोलियों का सेवन करती है.

4- आंवला से गर्भपात : जैसा कि हमने ऊपर के पॉइंट में बताया है कि विटामिन सी की अधिक मात्रा से गर्भपात हो जाता है और आंवला में बहुत अधिक मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है इसलिए आंवला के अत्याधिक सेवन से अबॉर्शन होने की संभावना बढ़ जाती है. गर्भवती महिलाएं आंवले का उपयोग अनचाहे गर्भ को गिराने के घरेलू तरीके के उपाय के रूप में करती है.

5- संतरा व नींबू से गर्भपात : आंवले की तरह ही संतरा और नींबू में भी बहुत अधिक मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है और जैसा कि ऊपर बताया गया है कि विटामिन सी के अत्याधिक सेवन से गर्भपात होने की संभावना रहती हैं. इसलिए कई महिलाएं अनचाहे गर्भ को गिराने के घरेलू तरीके व उपाय के रूप में नींबू और संतरे का अत्याधिक सेवन करती हैं.

6- दालचीनी से गर्भपात : दालचीनी को गर्म परवर्ती का मसाला माना जाता है और गर्भावस्था के दौरान गरम परवर्ती वाले भोजन ना करने की सलाह कई जगहों पर दी जाती है. इसलिए इन क्षेत्रों में दालचीनी का उपयोग गर्भपात करने के लिए किया जाता है. इसके लिए गर्भवती महिला अत्याधिक मात्रा में दालचीनी का सेवन खाने, चाय आदि में करती है जिससे कि उसका अबॉर्शन हो जाए. दालचीनी की तरह ही काली मिर्च भी गर्म परवर्ती के मसाले में आता है. इसलिए काली मिर्च का उपयोग भी गर्भपात करने के लिए किया जाता है.

7- बबूल से गर्भपात : घरेलू नुस्खे से गर्भपात करने के तरीके में बबूल का भी उपयोग किया जाता है. बबूल के हरे पत्तों को 2 ग्राम मात्रा में लेकर, दो कप पानी मिलाकर इस मिश्रण को उबाल लिया जाता है. जब यह मिश्रण एक कप रह जाता है, तो इसे ठंडा करके इसका सेवन रोजाना तब तक किया जाता है जब तक गर्भपात नहीं हो जाए.

8- तिल से गर्भपात : तिल या तिल्ली का सेवन सुरक्षित गर्भावस्था में सहायक एचसीजी हार्मोन की मात्रा को कम कर देता है, जो अबॉर्शन का कारण बनता है. कुछ जगहों पर भुने हुए तिल और शहद के सेवन का उपयोग अनचाहे गर्भ को गिराने के घरेलू तरीके के रूप में किया जाता है.

9- केले के पत्ते से गर्भपात : कुछ क्षेत्र में केले के पत्तों का उपयोग गर्भपात करने के लिए और मासिक धर्म शुरू करने के लिए किया जाता है. इसके लिए केले के पत्तों को सुखाकर तथा बबूल की फलियों को सुखाकर, दोनों का चूर्ण बना लिया जाता है. फिर इस चूर्ण का सेवन रोजाना किया जाता है, जब तक की गर्भपात ना हो जाए और मासिक धर्म शुरू ना हो जाए.

10- कपास की जड़ से गर्भपात : कपास के पौधे में से उसकी जड़ लेकर तथा उसकी चाय बना कर सेवन करने से भी गर्भपात होने और मासिक धर्म शुरू करने की मान्यता कुछ क्षेत्रों में पाई जाती है. कपास के जड़ की स्थाई का सेवन तब तक किया जाता है जब तक अबॉर्शन ना हो जाए.

11 - कॉफी से गर्भपात : गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में अत्याधिक मात्रा में कॉफी का सेवन करने से भी गर्भपात हो जाता है. इसीलिए डॉक्टर सुरक्षित गर्भावस्था के लिए गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक मात्रा में कॉफी पिने की मनाही करते हैं.

12- इलायची से गर्भपात : इलायची से गर्भपात कैसे करे, इलायची से गर्भपात होता है या नहीं होता है इस बारे में कुछ ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है. लेकिन इलायची को दालचीनी कालीमिर्च अन्य गर्म परवर्ती के मसालों के साथ यूज करने से गर्भपात होने की संभावना रहती है. इलायची से गर्भपात करने की पुष्टि अभी तक वैज्ञानिक रिसर्च में नहीं हो सकी है.

13- जायफल से गर्भपात : कुछ पाठकों के सवाल आए थे कि जायफल से गर्भपात कैसे करें. जायफल से गर्भपात होता है या नहीं, तो जायफल का अत्याधिक मात्रा में सेवन करने से गर्भावस्था के शुरुआती अवस्था में गर्भपात होने की संभावना रहती है. जायफल से गर्भपात करने के लिए गर्भावस्था के पहले 10 सप्ताहों में ही प्रयोग किया जा सकता है. लेकिन जायफल से गर्भपात होने की पुष्टि वैज्ञानिक शोधों में नहीं हुई है.

14- मेथी दाना से गर्भपात : अत्याधिक मात्रा में मेथी दाना के सेवन से भी गर्भपात हो सकता है. कई बार पूछा जाता है कि मेथी दाना से गर्भपात कैसे करें और मेथी दाना से गर्भपात होता है अथवा नहीं. तो आपको बताते हैं कि मेथी में सैपोनिन्स नामक एंजाइम पाया जाता है, जिस की अधिक मात्रा गर्भपात करने में सहायक होती है. इसलिए मेथी दाना के अधिक मात्रा में सेवन करने से अबॉर्शन होने की संभावना रहती है.

15- तुलसी से गर्भपात : सुरक्षित गर्भावस्था के अंतर्गत गर्भावस्था के दौरान तुलसी के बीजों का उपयोग करना मना होता है क्योंकि यह गर्भपात का कारण बन सकता है. इसलिए तुलसी का उपयोग कई महिलाएं घरेलू तरीके से गर्भपात करने के लिए करती है. तुलसी में इयूजेनोल एंजाइम तथा विटामिन सी की प्रचुरता गर्भपात का कारण बनती है. गर्भपात के लिए तुलसी का काढ़ा बनाकर पिया जाता है, जिसमें दालचीनी, कालीमिर्च, लौंग आदि गर्म पर्वती के मसाले मिलाए जाते हैं.

16- अजवाइन (ajwain) से गर्भपात : अजवाइन भी गर्म तासीर के मसाले की श्रेणी में आता है और जैसा हमने पहले भी बताया है कि गर्म तासीर की चीजें खाने से गर्भपात होने की संभावना रहती है. अगर आप यह जानना चाहते हैं कि अजवाइन से गर्भपात कैसे होता है, तो अजवाइन और जीरे को भूनकर चूर्ण बना लेवे और इसका सेवन गर्म पानी में रोजाना करें, जब तक गर्भपात नहीं हो जाए.
इसके अलावा गरम पानी के स्नान से गर्भपात, लौंग से, काली मिर्च से, व्यायाम से गर्भपात, सौंठ से, गुड़ से गर्भपात होने के घरेलू तरीके भी विभिन्न जगहों पर काम में लिए जाते हैं.
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क्या घरेलू तरीके से गर्भपात करना सुरक्षित है?
जैसा कि हमने पहले भी बताया था कि देसी तरीकों से या घरेलू नुस्खे के तरीकों से गर्भपात या अबॉर्शन करना कभी भी सुरक्षित नहीं होता है. इन गर्भ गिराने के तरीके का उपयोग हमेशा असुरक्षित और अधूरे गर्भपात की श्रेणी में आता है. इसके अंतर्गत भ्रूण के कुछ अंश आपके गर्भाशय के अंदर ही रह सकते हैं या आपके गर्भाशय में इंफेक्शन भीी हो सकता है. गर्भपात चाहे किसी भी तरीके से करें, गर्भपात से पहले और उसके बाद डॉक्टर से जरूर सलाह करें और गर्भपात के बाद एक बार अल्ट्रासाउंड कराके जरूर जरूर तसल्ली कर ले की कुछ टिश्यू या अंश गर्भाशय के अंदर तो नहीं रह गए हैं.
फल या भोजन से भी मिसकैरेज या गर्भपात हो सकता है
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गर्भपात रोकने के घरेलू उपाय व आयुर्वेदिक नुस्खे
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