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गर्भधारण कैसे होता है । ladkiyan Pregnant kaise hote hai in Hindi

हमारे एक पाठक ने सवाल पूछा की ladkiyan Pregnant kaise hote hai in Hindi यानी Pregnancy kaise hoti hai के बारे में जानकारी प्रदान कीजिए. तो आज हम आपको बताएंगे की गर्भ कैसे ठहरता है या गर्भधारण कैसे होता है (How to get pregnant in Hindi). इसके अलावा गर्भधारण कितने दिन में पता चलता है यानी गर्भ ठहरने के कितने दिन बाद पता चलता है, इसके बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे. उपरलिखित सवाल हमें ईमेल और कमेंट के जरिए मिले हैं, जिनका जवाब हम इस पोस्ट में देंगे. आप भी यदि गर्भावस्था या गर्भधारण से सम्बन्धित या किसी अन्य विषय में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे सवाल पूछ सकते हैं, हम आपके सवाल का जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे तथा इसी तरह से pregnancy tips in hindi की यह सीरीज चलती रहेगी. अब हम आज के विषय पर बात करते है.

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Ladkiyan pregnant kaise hote hai in Hindi । Pregnancy kaise hoti hai

उम्र के एक पड़ाव के बाद हर किशोर लड़के लड़कियों के मन में यह सवाल होते है की लड़कियां प्रेगनेंट कैसे होते हैं यानी प्रेगनेंसी कैसे होती हैं, कब होता है, गर्भ कैसे ठहरता है या गर्भधारण कैसे होता है (How to get pregnant) आदि. आज हम आपको इन सवालों का जवाब स्टेप वाइस देंगे, तो बने रहिए हमारे साथ और जानिए की Ladkiyan pregnant kaise hote hai in Hindi यानी Pregnancy kaise hoti hai के बारे में हिंदी में जानिए.

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गर्भधारण कैसे होता है । गर्भ कैसे ठहरता है (How to get pregnant in Hindi)

तो सबसे पहले जानते हैं की गर्भधारण कैसे होता है (How to get pregnant) यानी गर्भ कैसे ठहरता है. गर्भधारण होने यानी गर्भ ठहरने की संक्षिप्त प्रक्रिया इस प्रकार है.
महिला और पुरूष के बीच शारीरिक सम्बन्ध स्थापित होने के पश्चात जब पुरुष पक्ष से निकला स्पर्म या शुक्राणु , महिला के अंडाशय (ओवरी) से निकले अंडे को निषेचित करता हैं तो इसे एग फर्टिलाइजेशन होना कहते हैं और निषेचित होने के बाद जब यह अंडा गर्भाशय या सामान्य बोलचाल की भाषा में बच्चेदानी की भीतरी सतह पर स्थापित हो जाता हैं तो यह संपूर्ण प्रक्रिया ही गर्भधारण होना (Get Pregnant) या गर्भाधान होना या गर्भ ठहरना कहलाता है. इस तरह संक्षिप्त भाषा में आप समझ गए होंगे कि गर्भधारण कैसे होता है (how to get pregnant in hindi) या गर्भ कैसे ठहरता है.
गर्भधारण की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह शुक्राणु द्वारा फर्टिलाइज हुआ अंडा, गर्भाशय में एक बच्चे के रूप में बढ़ना शुरू होता है तथा नौ महिने के पश्चात संपुर्ण रूप से नवजात के रूप में विकशित होकर इस दुनिया में जन्म लेता है. इस तरह से एक बच्चे के जन्म की प्रक्रिया पूरी होती है.
अब तक आपको संक्षिप्त में यह तो नॉलेज हो गया की गर्भ कैसे ठहरता है अथवा ladkiyan Pregnant kaise hote hai in Hindi यानी Pregnancy kaise hoti hai अब हम इस बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं.

गर्भधारण कैसे होता है (ladkiyan Pregnant kaise hote hai in Hindi)

सामान्यतः गर्भ ठहरने यानी गर्भधारण होने या गर्भाधान के लिए महिला के चार प्रजननांगों का महत्वपूर्ण भूमिका होती है जो निम्नलिखित है-
  • डिम्बग्रंथि या ओवरी
  • डिम्बवाहिनी नली या फैलोपियन ट्यूब
  • गर्भाशय या यूट्रस
  • योनि या वेजिना
महिला के गर्भाशय में डिंबग्रंथि या अंडाशय अथवा ओवरी नाम की दो फली के आकार की ग्रथियां होती हैं. ओवरी का आकार हमेशा समान नहीं रहता है, ओवरी का साइज मासिक धर्म तथा अन्य कारणों से हमेशा बदलता रहता है. सामान्यत किसी भी लड़की के दोनों स्वस्थ ओवरीस में मिलाकर लगभग चार लाख अण्डे होते हैं, जो किशोरावस्था आने तक सोए रहते हैं अथवा सुप्त अवस्था में पड़े रहते है.
दोनो ओवरीज के ही नजदीक में फैलोपियन ट्यूब या डिम्बवाहिनी नली होती है जो लगभग साढ़े पांच इंच लंबी पतली सी नली होती है. डिंबवाहिनी नली का एक तरफ का सिरा डिमबग्रंथि के नजदीक होता है तथा दूसरी तरफ का सिरा यूट्रस अतार्थ गर्भाशय में मिला हुआ होता हैं.
जब किसी लड़की का मासिकधर्म शुरू होता है तो, यह इस बात का लक्षण होता हैं कि लड़की का यूट्रस अतार्थ गर्भाशय अब गर्भधारण करने के लिए तैयार है. क्योंकि जब किसी लड़की की किशोरावस्था शुरू होती है तो डिंबग्रंथियों में सुप्त अवस्था में सोए हुए अंडे जाग जाते हैं और चेतन होकर एक निश्चित समय के बाद ओवरी से बाहर निकलने की चेष्टा करते हैं.
यह समय हर लड़की या महिला के लिए अलग अलग हो सकता है लेकिन सामान्यतः 28 दिनों के अंतराल से दोनों डिमबग्रंथियों में से किसी एक डिंबग्रंथि में से एक अंडा पूर्ण होकर बाहर निकलता है तथा किसी महिला या लड़की के मासिकधर्म के 8-10 दिनो के बाद तक डिंबग्रंथियों से निकला यह अंडा डिंबग्रंथि के अंदर छोटी सी पुटिका में बंद होकर आगे बढ़ता रहता है. जब यह अंडा पक जाता है तो यह छोटी सी पुटिका फट जाती है तथा यह अंडा डिंबग्रंथि से अलग हो जाता है.
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जब पका हुआ अंडा, डिंबग्रंथि से बाहर निकलता है तो डिम्बवाहिनी के एक तरफ सिरे पर उपस्थित रेशे, उस पके अंडे को पकड़कर डिंबवाहिनी के अंदर डाल देते है तथा डिंबवाहिनी से यह अंडा गर्भाशय में आता है. इस संपूर्ण प्रक्रिया में तीन से छह दिन का समय लगता है तथा इस संपूर्ण प्रक्रिया को ओवुलेशन क्रिया कहते हैं और इस समय को ओवुलेशन पीरियड कहते हैं. आपके एक अन्य सवाल गर्भधारण कितने दिन में पता चलता है का जवाब इन्ही छ: दिनो में छुपा हुआ है जिसका विस्तार से वर्णन हम इसी पोस्ट में आगे करेंगे, पहले तो हम Ladkiyan pregnant kaise hote hai in Hindi यानी Pregnancy kaise hoti hai के बारे में संपूर्ण जानकारी ले लेते हैं, तो आगे बढ़ते हैं और जानते हैं की गर्भधारण कैसे होता है.
ओवुलेशन पीरियड के समय महिला व पुरुष शारीरिक संबध बनाने पर पुरुष के वीर्य से निकले करोड़ों की संख्या में शुक्राणु गर्भाशय में प्रवेश करते हैं तथा गर्भाशय से फैलोपियन ट्यूब में पहुंचते है तथा इन करोड़ों शुक्राणु में से एक या दो शुक्राणु वहां पर उपस्थित अंडे में मिल जाता है. यह करोड़ों शुक्राणु डिंबवाहिनी ग्रंथि में उपस्थित अंडे से मिल जाने का प्रयास करते हैं परन्तु करोड़ों शुक्राणुओं में से एक या दो शुक्राणु ही अंडे तक पहुंचने में कामयाब हो पाते हैं. शुक्राणुओं को महिला व पुरुष के शारीरिक सम्बन्ध बनाने के पश्चात अंडे तक पहुंचने में एक या दो दिन का समय लग सकता है. इसके बाद जब भी कोई शुक्राणु फैलोपियन ट्यूब में उपस्थति अंडे के नजदीक पहुंचता है, तो दोनों आपस में मिलने की कोशिश करते हैं क्योंकी अंडे और शुक्राणु में परस्पर आकर्षण तत्व होते हैं. जो शुक्राणु अंडे के पास पहुंचता है, वो अपने सिर को अंडे की सतह में गडाकर तथा गोल घूमकर, अंडे की सतह में छेद करता हुआ अंदर घुसता है तथा वो फैलोपियन ट्यूब से निकलकर गर्भाशय के अंदर आ जाता है और अब यह एक भ्रूण कहलाता हैं.
जब यह सम्पूर्ण प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो यह गर्भाधान होना या गर्भधारण होना या गर्भ ठहरना कहलाता हैं. गर्भधारण के पश्चात महिला का मासिकधर्म का चक्र बंद हो जाता है. इस तरह एक महिला गर्भवती होती है तथा नौ महीने में गर्भाशय में भ्रूण के विकास के बाद नवजात शिशु का जन्म होता है. इस तरह आप जान गए होंगे की गर्भधारण कैसे होता है (How to get pregnant in Hindi) या गर्भ कैसे ठहरता है.
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गर्भ ठहरने के कितने दिन बाद पता चलता है । गर्भधारण कितने दिन में पता चलता है

अब तक की पोस्ट में आपने यह तो जान लिया कि गर्भधारण कैसे होता है यानी प्रेगनेंसी कैसे होती है. अब दूसरा जो सबसे बड़ा सवाल यह होता है की गर्भ ठहरने के कितने दिन बाद पता चलता है यानी गर्भधारण कितने दिन में पता चलता है. इस सवाल का जवाब यह है की गर्भ ठहरने के लगभग एक सप्ताह बाद कुछ लक्षण दिखाई देने लगते हैं जिनके बारे में आप हमारी पोस्ट अंडा फटने के बाद गर्भावस्था के लक्षण तथा गर्भावस्था के लक्षण 1 सप्ताह (प्रेगनेंसी के लक्षण इन फर्स्ट वीक) में विस्तार से जान सकते है. गर्भधारण का पता पांच से सात दिनों बाद चल जाता है लेकिन यह लक्षण सही से जानकारी नहीं होने पर गर्भ ठहरने का सही पता मासिक धर्म नही आने पर ही चलता है. मासिक धर्म नही आने पर आप घर पर ही प्रेगनेंसी टेस्ट करके इस बारे में कन्फर्म हो सकते है. इस तरह आपको पता चल गया होगा की गर्भ ठहरने के कितने दिन बाद पता चलता है यानी गर्भधारण कितने दिन में पता चलता है.

इस तरह आज की पोस्ट की यही पर समाप्त होती है, आज आपने जाना की ladkiyan Pregnant kaise hote hai in Hindi यानी Pregnancy kaise hoti hai के बारे में हिंदी में जानकारी प्राप्त की. इसके अलावा गर्भधारण कैसे होता है (How to get pregnant in Hindi) या गर्भ कैसे ठहरता है आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की है. साथ ही आपने जाना की गर्भ ठहरने के कितने दिन बाद पता चलता है यानी गर्भधारण कितने दिन में पता चलता है. आज की पोस्ट आपको कैसी लगी, हमें जरूर बताएं. यदि आपका कोई सवाल अथवा संदेह हो तो हमे जरूर बताएं, हम आपके हर सवाल का जवाब हिंदी में देने का प्रयास करेंगे.

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