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गर्भावस्था सप्ताह के लक्षण । Pregnancy week by week in hindi

क्या आप जानते हैं कि 1 2 3 सप्ताह गर्भावस्था के लक्षण क्या होते हैं तथा डिलीवरी कितने हफ्ते में होती है. यदि नहीं तो आज हम आपको गर्भावस्था के सप्ताह यानी प्रेगनेंसी वीक इन हिंदी की जानकारी देंगे तथा बताएंगे की 9 महीने में कितने सप्ताह होते हैं और इन सप्ताह में गर्भावस्था के लक्षण क्या होते हैं. हमे कुछ पाठकों के सवाल प्राप्त हुए की जुड़वा बच्चों के गर्भावस्था के हफ्ते (Twins Pregnancy week by week hindi) के बारे में बताइए तथा इससे संबंधित यूट्यूब वीडियो, पीडीएफ आदि हो तो उपलब्ध कीजिए. तो आज की पोस्ट में हम यह सब उपलब्ध कराएंगे तथा गर्भावस्था के सप्ताह की जानकारी के साथ इस दौरान गर्भावस्था में बच्चे का विकास किस तरह होता है इस बारे में भी सप्ताहिक जानकारी (Information about pregnancy week by week in hindi) प्रदान करेंगे.
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गर्भावस्था के सप्ताह की जानकारी और लक्षण
Symptoms Information about pregnancy week in Hindi
सामान्यतः हम सब जानते हैं कि गर्भावस्था यानी प्रेगनेंसी के दौरान शिशु के पूर्ण विकास के लिए लगभग 38 से 40 सप्ताह या हफ्ते लगते हैं. यानी एक शिशु के पूर्ण विकास के लिए 9 महीने का समय लगता है और 9 महीने में 39 सप्ताह होते हैं यानी डिलीवरी 37 से 40 हफ्ते में होती है. इन प्रेगनेंसी वीक के दौरान गर्भावस्था में होने वाले विभिन्न साप्ताहिक व मासिक परिवर्तन के बारे में हम आपको जानकारी देते हैं.
गर्भावस्था लक्षण 1 सप्ताह से लगाकर 37 से 40 सप्ताह तक के होने वाले लक्षण तथा शारीरिक परिवर्तन निम्नलिखित हैं.
गर्भावस्था के 1 से 4 सप्ताह (1 महीना गर्भावस्था के लक्षण)
गर्भावस्था लक्षण 1 सप्ताह । 2 सप्ताह गर्भावस्था के लक्षण

गर्भावस्था के 1 से 4 सप्ताह में बेबी ग्रोथ शुरू होती है तथा निषेचित अंडा विभाजित होना शुरू कर देता है तथा इस समय प्रतिनाल विकसित होने लगती है. इस समय तक शिशु की लंबाई 0.5 सेंटीमीटर होती है और उसका आकार चावल के एक छोटे दाने जितना होता है. गर्भावस्था 1 सप्ताह के लक्षण यानी गर्भावस्था के पहले सप्ताह के लक्षण में प्रमुख है जी मिचलाना, ज्यादा मूत्र त्यागना तथा आलस आना आदि है. पूरे महीने यानी गर्भावस्था का पहला महीना के लक्षण यानी 2 सप्ताह गर्भावस्था के लक्षण तथा 4 व 3 सप्ताह गर्भावस्था के लक्षण भी पहले हफ्ते के जैसे ही होते है. इस दौरान खाने के प्रति स्लेक्टिव होना तथा उल्टी, चक्कर आना आदि महसूस होता है.
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गर्भावस्था के 5 से 8 सप्ताह (2 महीना गर्भावस्था के लक्षण)
गर्भावस्था का दूसरा महीना के दौरान गर्भ में शिशु के हाथों की कलाइयां तथा हाथ पैर आकार लेना शुरू हो जाते हैं. गर्भावस्था के 5 से 8 सप्ताह तक शिशु का दिमाग भी थोड़ा विकसित होने लगता है. इस समय तक शिशु की लंबाई 3 सेंटीमीटर तथा वजन 1 ग्राम तक होता है. इस समय तक शिशु के शरीर का विकास (Baby growth during pregnancy week by week in hindi ) होना शुरू हो जाता है. 5 सप्ताह गर्भावस्था लक्षण यानी 2 महीना गर्भावस्था के लक्षण में प्रमुख है अचानक मूड परिवर्तन होना, सिर दर्द होना, मूत्र का रंग अत्यधिक पीला होना आदि.

गर्भावस्था के सप्ताह 9 से 12 (3 महीना गर्भावस्था के लक्षण)
प्रेगनेंसी के 9 से 12 वीक तक यानी प्रेगनेंसी के तीसरे महीने तक गर्भ में होने वाले शिशु के जेंडर के बारे में पता चल जाता है. यानी वह लड़का होने वाला है या लड़की इस बात का पता चल जाता है. इस समय तक शिशु के हाथ पैरों के नाखून निकलने लगते हैं तथा शिशु की हड्डियां भी सख्त होने लगती है और उसके आंख और कान भी विकसित होना शुरू हो जाते है. इस महीने तक गर्भवती स्त्री प्रेगनेंसी पीरियड में होने वाले विभिन्न परिर्वतन तथा इसके लक्षण को समझने लगती है. इसके साथ ही गर्भावस्था की पहली तिमाही पूरी होती है.

गर्भावस्था के 13 से 16 सप्ताह (4 महीने गर्भावस्था के लक्षण)
4 महीने गर्भावस्था के दौरान भ्रूण द्वारा होने वाली हलचलों को महसूस किया जा सकता है. इन सप्ताह में बच्चा जल्दी विकसित होने लगता है. उसकी गर्दन भी अधिक लंबी होने लगती है चमड़ी में वसा की मात्रा बढ़ने लगती है. यानी 4 महीने गर्भावस्था के लक्षण में गर्भ में बच्चे की हलचल को महसूस किया जा सकता है तथा कुछ बुजुर्ग और तजुर्बे वाली महिलाएं इस हलचल से होने वाले बच्चे का जेंडर तक बता देती हैं की गर्भ में लडका है या लड़की है. प्रेगनेंसी के इस हफ्ते के साथ ही गर्भावस्था की दूसरी तिमाही शुरू होती है.

गर्भावस्था के 17 से 20 सप्ताह (साढ़े 4 महीने गर्भावस्था के लक्षण)
साढ़े 4 महीने गर्भावस्था के दौरान आपको शिशु के की हलचल महसूस होने लगती है. इन प्रेगनेंसी वीक तक शिशु लात मारना शुरू कर देता है. इस दौरान शिशु की त्वचा का रंग लाल होता है तथा उसके फेफड़ों का विकास होता है और उसका वजन भी पिछले 2 सप्ताह से दोगुना हो जाता है. कहा जाता है की 4 महीने गर्भावस्था बच्चा लड़का लक्षण से आप जान सकते है की गर्भ में पुत्र है या पुत्री है क्योंकि ऐसी मान्यता है की यदि गर्भ में बच्चे की हलचल चौथे महीने में शुरू होती हैं तो लड़की होती हैं तथा गर्भावस्था के पांचवा महीना में बच्चे की हलचल महसूस होती है तो लडका हो सकता है.

गर्भावस्था के सप्ताह 21 से 24 (गर्भावस्था के 5 महीने के लक्षण)
गर्भावस्था का पाँचवा महीना यानी प्रेगनेंसी के 21 से 24 वीक के दौरान शिशु का काफी विकास हो जाता है. गर्भावस्था के 5 महीने में बच्चे की स्थिति यह होती है की अब वह अपने चेहरे पर विभिन्न भाव बना सकता है तथा उसकी पलकें खुलती और बंद होती रहती है. अब वो रो सकता है, उसको हिचकी भी आती है. इस समय तक शिशु 12 इंच लंबा हो जाता है तथा उसकी आंखों का विकास भी पूरा हो जाता है. इस तरह गर्भावस्था के 5 महीने के लक्षण में प्रमुख यह है की इस समय तक गर्भ में बच्चे की हलचल और किक मारना शुरू हो जाता है.

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गर्भावस्था के 25 से 28 सप्ताह (6 महीने गर्भावस्था के लक्षण)
प्रेग्नेंसी वीक 25 से 28 सप्ताह यानी गर्भावस्था के 6वें महीने के दौरान शिशु अपनी जगह पर स्थिर हो जाता है. उसकी आंखें रोशनी के प्रति प्रतिक्रिया करने लगती है तथा अब वो तेज आवाज भी सुन सकता है. इस समय भ्रूण लगभग 15 इंच लंबा होता है तथा इस समय तक शिशु के शरीर के सभी अंगों का लगभग विकास हो चुका होता है. प्रेगनेंसी वीक इन हिंदी की इस पोस्ट में 6 महीने यानी दूसरी तिमाही तक चरण पूरा हो चुका है तथा गर्भावस्था का अंतिम चरण के बारे में आगे जानकारी देते हैं.

गर्भावस्था के 29 से 32 सप्ताह (हिंदी में 7 वें महीने में गर्भावस्था का विकास)
गर्भावस्था के 7 वें महीने के दौरान यदि कोई गर्भवती स्त्री के पेट पर कान रखे तो उसे शिशु की धड़कन भी सुनाई देगी. इस समय तक पेट में पल रहा शिशु अंगूठा चूसने लगता है तथा 7 महीने गर्भावस्था बच्चे वजन 1 किलो से ऊपर हो जाता है.
गर्भावस्था के 7 वें महीने के दौरान पैरों में सूजन काफी बढ़ जाती है क्योंकि गर्भाशय आकर बढ़ने की वजह से शरीर के नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे ब्‍लड सर्कुलेशन के प्रभावित होने से खून के संचरण में बाधा आती है, जिस कारण पैरों में सूजन बढ़ जाती है.
7 महीने गर्भावस्था बच्चा लड़का लक्षण अगर आप जानना चाहते हैं तो इसमें प्रमुख है गर्भवती महिला की त्वचा शुष्क होना, पैर ठंडे और हाथ शुष्क होना तथा प्रेगनेंट महिला के नियमित रूप से दांयी करवट लेकर सोना भी गर्भ में लडका होने का संकेत माना जाता है.

गर्भावस्था के 33 से 36 सप्ताह (गर्भावस्था के 8 महीने) । 36 वीक प्रेगनेंसी इन हिंदी
गर्भावस्था के बच्चे की स्थिति के 8 वें महीने के बाद शिशु का लगभग पूर्ण विकास हो चुका होता है. अब उसे नींद लेने की आदत पड़ जाती है. इस समय तक शिशु का वजन लगभग 1.5 किलो से 2.5 किलो तक होता है और उसकी लंबाई 35 से 45 सेंटीमीटर तक होती है. 8 महीने गर्भावस्था की समस्याओं में प्रमुख है प्री-टर्म लेबर यानी 9 महीने से पहले डिलीवरी होने की समस्या इसलिए इस समय डॉक्टर या विशेषज्ञ के संपर्क में ही रहना चाहिए.

गर्भावस्था के 37 से 40 सप्ताह (गर्भावस्था के 9 महीने) । 37 वीक प्रेगनेंसी इन हिंदी
यह गर्भावस्था का अंतिम चरण होता है. इस समय तक शिशु की आंखें गहरी कबूतर रंग की होती है जो उसके जन्म लेने के बाद उसका रंग परिवर्तित हो जाता है. इस समय शिशु का सिर नीचे की तरफ होता है और वह ज्यादा शांत होता है. गर्भावस्था के 9 माह में बच्चा लड़का के लक्षण में प्रमुख है त्वचा और हाथ शुष्क होने तथा पैर ठंडे होने के अलावा चेहरे पर मुंहासे होना, मूत्र का रंग ज्यादा पीला होने पर माना जाता है की होने वाला बच्चा लड़का हो सकता है. जुड़वा बच्चों के गर्भावस्था के हफ्ते (Twins Pregnancy week by week hindi) का विकास भी इस तरह ही होता है.
इस तरह गर्भावस्था का अंतिम चरण पूरा होने के साथ ही एक नन्ही जान का इस दुनिया में प्रवेश होता है.
पोस्ट गर्भावस्था 6 सप्ताह के बाद रक्तस्राव, पोस्ट गर्भावस्था 6 सप्ताह बाद खून बह रहा, 9 महीने में कितने सप्ताह होते हैं । डिलीवरी कितने हफ्ते में होती है

गर्भावस्था के सप्ताह से जुड़े कुछ सवाल जो हमे कमेंट और मेल के माध्यम से मिले हैं और उनके जवाब निम्नलिखित हैं.
गर्भावस्था का पहला महीना कब शुरू होता है
ऐसा माना जाता है की गर्भावस्था का पहला महीना ओवुलेशन पीरियड से शुरू होता है. आपके मासिक धर्म के समय की गणना कर ओवुलेशन पीरियड के दिनो को की पहचान की जाती है तथा उस दिन से गर्भावस्था का पहला महीना शुरू होता है, ऐसा माना जाता है. सामान्यत 28 दिन के मासिक धर्म चक्र में पीरियड शुरू होने के 12 से 15 दिन बाद ओवुलेशन पीरियड शुरू होता है तथा इस समय संबंध बनाने से गर्भधारण होने की संभावना रहती है तथा इसी गणना के अनुसार गर्भावस्था का पहला महीना शुरू होना माना जाता है.

पोस्ट गर्भावस्था 6 सप्ताह के बाद रक्तस्राव या पोस्ट गर्भावस्था 6 सप्ताह बाद खून बह रहा ?
यह सवाल हमे सही से समझ नही आया लेकिन शायद वो पाठक यह पूछ रहे हैं की गर्भावस्था 6 सप्ताह बाद खून बह रहा या रक्तस्राव हो रहा है, तो ऐसा है की गर्भावस्था के पहली तिमाही यानी 1 से 12 सप्ताह तक थोड़ी बहुत रक्तस्राव यानी ब्लीडिंग की समस्या ज्यादा खतरनाक नहीं होती है, लेकिन ज्यादा खून बह रहा है या पहली तिमाही के बाद थोड़ा बहुत भी रक्तस्राव या खून बह रहा है तो यह मिसकैरेज अथवा किसी दूसरी समस्या का लक्षण हो सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेगनेंसी के शुरुआत में यानी पहली तिमाही में थोड़ा रक्तस्राव हो सकता है और इसके लिए ज्यादा घबराने की जरूरत नही है लेकिन ब्लीडिंग की समस्या गर्भावस्था के दौरान कभी भी हो, इसके बारे में डॉक्टर या विशेषज्ञ से संपर्क जरूर करना चाहिए, जिससे सही समय पर स्थिति को संभाला जा सकता है. इस तरह आपके सवाल पोस्ट गर्भावस्था 6 सप्ताह के बाद रक्तस्राव या पोस्ट गर्भावस्था 6 सप्ताह बाद खून बह रहा का जवाब आपको मिल गया होगा.

9 महीने में कितने सप्ताह होते हैं । डिलीवरी कितने हफ्ते में होती है
9 महीने में 39 सप्ताह होते हैं यानी सामान्यत डिलीवरी 37 से 40 हफ्ते में होती है. 37 सप्ताह से पहले डिलीवरी को प्रीटर्म लेबर कहा जाता है.

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आज की हमारी पोस्ट गर्भावस्था के सप्ताह के लक्षण यानी प्रेगनेंसी वीक इन हिंदी आपको कैसी लगी, हमें जरूर बताएं. आज हमने आपको प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में शिशु के शरीर के सप्ताह दर सप्ताह होने वाले विकास (Baby growth during pregnancy week by week in hindi ) के बारे में बताया तथा डिलीवरी कितने हफ्ते में होती है और 9 महीने में कितने सप्ताह होते हैं आदि के बारे में जानकारी प्रदान की.
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