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भोजन और फल भी गर्भपात के कारण बन सकते हैं , Miscarriage in Hindi

कई बार देखा जाता है की ना चाहते हुए भी प्रेग्नेंट महिला को गर्भपात हो जाता है, वो महिला यह सोचती रहती है की उसे गर्भपात या मिसकैरेज किस कारण से हुआ है. तो आप यह सब जानकर शोक्ड हो जाओगे की हम जो सामान्यत फल या भोजन लेते हैं, वो भी आपके गर्भपात का कारण बन सकता है. इसलिय गर्भावस्था मे किन फलो और भोजन का सेवन करना चाहिए और किन चीजों सेवन नहीं करना चाहिए, इस बात की जानकारी हमेशा रखनी चाहिए.
मिसकैरेज या गर्भपात क्या है, गर्भपात कब होता है, गर्भपात के कारण, गर्भपात के लक्षण
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गर्भावस्था मे नही लेना चाहिये यह भोजन या आहार-
अगर आप गर्भपात से बचना चाहती हैं तो प्रेगनेंसी में यह भोजन नहीं खाना चाहिए, जो नीचे क्रमानुसार दर्शाया गया है. कुछ भोजन सामग्री में ऐसे एंजाइम पाए जाते हैं, जो कि आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ा देते हैं या किसी अन्य कारणों से आपके गर्भपात या मिसकैरेज का कारण बनते हैं. अगर आप गर्भपात से बचना चाहते हैं, तो प्रेगनेंसी मे निम्नलिखित फलों तथा भोजन सामग्री को अपनी प्रेगनेंसी डाइट मे शामिल नही करना चाहिये.
1- पपीता का सेवन प्रेगनेंसी में अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए, पपीता में "पपेन" नामक रसायन पाया जाता है जो कि गर्भपात कारण बनता है. इसलिए गर्भावस्था में गर्भपात से बचने के लिए पपीता कम से कम प्रथम तिमाही में नहीं खाना चाहिए.

2- अनानास का सेवन गर्भपात का कारण बन सकता है, इस फल में एक ब्रोमेलैन नामक एंजाइम पाया जाता है जो पपीते में पाए जाने वाले, प्रेगनेंसी के लिए खतरनाक "पपेन" रसायन की तरह ही हेाता है. यह रसायन गर्भपात करवाने में असरदार होता है. इसलिए अनानास का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए.
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3- कच्चे दूध यानी कि बिना उबाले गए दूध का सेवन भी प्रेगनेंसी के दौरान नहीं करना चाहिए, यह आपके मिसकैरेज का कारण बन सकता है.

4- विटामिन सी ज्यादा मात्रा में सेवन गर्भपात का कारण बन सकता है, इसलिए विटामिन सी की भरपूर मात्रा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए. संतरा, नींबू आदि में ज्यादा मात्रा में विटामिन सी रहता है. इसलिए संतरा नींबू का गर्भावस्था की शुरुआत में ज्यादा सेवन मिसकैरेज या गर्भपात का कारण बन सकता है.

5-भुने हुए तिल को यदि कोई प्रेग्नेंट महिला शहद के साथ खा जाए तो इससे गर्भपात हो सकता है.इसलिए ध्यान रखें कि गर्भावस्था मे भुने हुए तिल को शहद के साथ नही खाना चाहिये. यह मिसकैरेज का कारण बन सकता है.
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6- यदि आपको ग्रीन टी पीने का शौक है या आप कॉफी का सेवन करते हैं तो दोनों ही स्थिति में इनका सेवन प्रेगनेंसी के दौरान कम से कम करें. कॉपी और ग्रीन टी का ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल गर्भपात अथवा मिसकैरेज का कारण बन सकता है.

7- यदि आप मछली का सेवन करते हैं तो गर्भावस्था के दौरान डिब्बाबंद पुरानी मछली का सेवन नहीं करें. क्योंकि डिब्बाबंद मछली कई दिनों पुरानी होती है, जिससे इसके सेवन से प्रेगनेंट महिलाओं का ब्लड प्रेशर काफी बढ सकता है. प्रेगनेंसी के शुरुआत में हाई ब्लड प्रेशर से गर्भपात होने की संभावना ज्यादा रहती है.
इसके अलावा यदि आप ताजा मछली खाती है तो भी ज्यादा मरकरी वाली मछली का सेवन नहीं करना चाहिए. क्योंकि ज्यादा मरकरी की उपस्थिति वाली मछली का सेवन करने से गर्भपात हो सकता है.
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8- शराब और धूम्रपान की आदत भी मिसकैरेज का कारण बन सकती है गर्भावस्था के दौरान गर्भपात से बचने हेतु इनका सेवन नहीं करना चाहिए.

9- अधपक्का कच्चा मांस या अंडे आपके शरीर में इंफेक्शन पैदा करते हैं जिससे गर्भपात होने की संभावनाएं बढ़ जाती है.
गर्भावस्था में प्रेगनेंसी डाइट प्लानिंग करते समय आप यह सोचती होंगी कि गर्भावस्था में कौन सी चीजे खानी चाहिए, कौन सी चीजे नहीं खानी चाहिए. आज की पोस्ट में हमने आपको यह तो बता दिया की आपको गर्भावस्था के भोजन में क्या चीजें नहीं खानी चाहिए.
अब बात करते हैं गर्भावस्था के भोजन में कौन सी चीजें आवश्यक है, गर्भावस्था के भोजन में कौन से मिनरल्स होना जरूरी है, तो इस बारे में हम ने पूर्व में कई पोस्ट लिखी है जो निम्नलिखित है-
1- गर्भावस्था में खानपान, भोजन, आहार की सामान्य जानकारी
2- गर्भावस्था के भोजन में यह मिनरल्स होने जरूरी है
3- गर्भावस्था में भोजन से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव

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