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गर्भपात होने के बाद गर्भवती गर्भधारण संबंध ब्लीडिंग पीरियड गर्भाशय की सफाई after abortion in Hindi

गर्भपात होने के बाद किसी भी महिला के सामने मुख्य समस्या यह रहती है कि गर्भपात के बाद वह दोबारा कब गर्भवती हो सकती है या गर्भधारण कर सकती है और गर्भपात के कितने दिनों बाद संबंध बना सकती है. एक सवाल यह भी रहता है कि गर्भपात के कितने दिनों बाद माहवारी अतार्थ पीरियड शुरू होंगे तो आज की पोस्ट में हम इन सब सवालों का जवाब देने की कोशिश करेंगे.
गर्भपात के बाद दोबारा गर्भधारण गर्भवती कब कर सकते हैं, गर्भपात के बाद संबंध कब बनाना चाहिए,  मिसकैरेज अबॉर्शन गर्भपात के बाद ब्लीडिंग कब तक होती है,  गर्भपात के बाद पीरियड माहवारी कब शुरू होती है, गर्भपात के बाद गर्भाशय की सफाई, after abortion in hindi

गर्भपात के कितने समय बाद दोबारा गर्भवती हो सकते हैं.
गर्भपात के 7 से 10 दिन बाद दोबारा गर्भवती हो सकते हैं यानी किसी महिला का गर्भपात होने के हफ्ते भर बाद ही वापिस गर्भवती होना संभव है लेकिन गर्भपात या मिसकैरेज के बाद गर्भधारण करने हेतु कम से कम 3 महीने रुकना चाहिए.
फल या भोजन से भी मिसकैरेज या गर्भपात हो सकता है
गर्भपात के कितने दिनों बाद गर्भधारण करना चाहिए या गर्भपात के कितने दिनों बाद गर्भवती होना चाहिए.
गर्भपात के बाद कम से कम 3 महीने बाद वापिस गर्भधारण करना चाहिए अतार्थ गर्भपात के बाद गर्भवती होने के लिए कम से कम 3 महीने जरूर रुकना चाहिए. क्योंकि गर्भपात की वजह से किसी भी महिला का शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य स्वस्थ होने में समय लगता है.
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गर्भपात के कितने दिन बाद संबध बनाना चाहिए.
गर्भपात के बाद महिला की शारीरिक और मानसिक स्थिति के अनुसार दस दिन से लगाकर एक महीने बाद ही सम्बन्ध बनाना चाहिए. कई बार गर्भपात में ब्लीडिंग ज्यादा होने की वजह से आपको संबंध स्थापित करने में कम से कम महीने भर इंतजार करना चाहिए.
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अबॉर्शन के कितने दिन बाद प्रेग्नेंट हो सकती हैं.
अबॉर्शन के 7 से 10 दिन के बाद ही महिला वापस प्रेग्नेंट हो सकती हैं, यानी अबॉर्शन के हफ्ते भर बाद में किसी महिला का वापस प्रेग्नेंट होना संभव होता है. लेकिन एक स्वस्थ गर्भावस्था के लिए आपको अबॉर्शन के बाद कम से कम 3 महीने तक वापस प्रेगनेंट होने के लिए रुकना चाहिए.

गर्भपात के बाद जल्दी गर्भधारण क्यों नहीं करना चाहिए.
गर्भपात के बाद कुछ महिलाएं हाथों हाथ गर्भधारण करने की सोचती है, यानी गर्भवती होना चाहती है. वहीं कुछ महिलाएं ऐसी होती है जो गर्भपात के बाद वापस गर्भधारण करने में लंबा समय लगाती है. वह गर्भपात से उभर नहीं पाती है तथा उन्हें वापस गर्भवती होने में डर लगता है. लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार गर्भपात के 3 महीने बाद आप सुरक्षित गर्भधारण कर सकते हैं.
नीचे कुछ कारण बता रहे हैं जिसकी वजह से गर्भपात के 3 महीने बाद तक गर्भधारण या दोबारा प्रेग्नेंट होने के लिए रुकना चाहिए.
  • गर्भपात के बाद महिला की मानसिक स्थिति अस्वस्थ हो जाती है और अवसाद से घिर जाती है. इसलिए अबॉर्शन के बाद वापस प्रेग्नेंट होने के लिए उपयुक्त समय का इंतजार जरूर करें.
  • गर्भपात होने के कुछ दिनों बाद तक गर्भपात होने वाले कुप्रभाव महिला के शरीर में उपस्थित रहते हैं इसलिए गर्भपात के बाद गर्भाशय की जांच करने के बाद ही वापस गर्भवती होने के बारे में सोचना चाहिए.
  • मिसकैरेज की वजह से महिला का शरीर भी कमजोर हो जाता है और शारीरिक रूप से अस्वस्थ रहती है इसलिए भी मिसकैरेज के बाद दोबारा गर्भधारण करने में 3 महीना के समय का इंतजार करना चाहिए.
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गर्भपात के कितने दिन बाद पीरियड आता है. गर्भपात के बाद माहवारी कब आती है.
गर्भपात के लगभग 4 से 7 सप्ताह बाद पीरियड आना शुरू हो जाता है. यह गर्भपात या मिसकैरेज किस प्रकार से हुआ है, इस पर निर्भर करता है. दवाई के द्वारा अबॉर्शन होने पर गर्भपात के बाद महावारी आने में 4 से 8 सप्ताह का समय लगता है. अगर गर्भपात, मिसकैरेज या अबॉर्शन के 8 सप्ताह बाद भी पीरियड ना आए तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें.

गर्भपात के बाद ब्लीडिंग कब तक होती है.
Bleeding after abortion in Hindi

चाहे प्राकृतिक गर्भपात हो या मिसकैरेज हो अथवा मेडिकल या सर्जिकल अबॉर्शन हो, ब्लीडिंग होना निश्चित है. गर्भपात के बाद ब्लीडिंग कब तक होती है, यह हर महिला के शारीरिक और गर्भावस्था की स्थिति पर निर्भर करता है लेकिन सामान्यतः अबॉर्शन के 5 से 10 दिन तक ब्लीडिंग होना नॉर्मल होता है. अगर गर्भपात के 2 सप्ताह बाद भी ब्लीडिंग नहीं रुके तो डॉक्टर से संपर्क करें.

मिसकैरेज या गर्भपात के बाद गर्भ की सफाई
Cleaning of uterus after abortion in Hindi

मिसकैरेज या गर्भपात के बाद यदि ब्लीडिंग 2 सप्ताह बाद भी ना रुके अथवा डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड की सलाह देने पर गर्भाशय में भ्रूण के कुछ अंश या टिशू रहने का पता चले तो गर्भाशय या यूट्रस की सफाई करनी पड़ती है. इस प्रक्रिया को डीएनसी कहते हैं यानी dilation and curettage.
गर्भपात रोकने के घरेलू उपाय व आयुर्वेदिक नुस्खे
तो आज की पोस्ट से आपको इस समस्या का जवाब तो मिल गया होगा कि गर्भपात के कितने दिनों बाद दोबारा गर्भवती हो सकती है या गर्भधारण कर सकते हैं और गर्भपात के कितने दिनों बाद माहवारी शुरू होती है. गर्भपात के बाद संबंध बनाने तथा गर्भाशय की सफाई के बारे में भी हमें जानकारी दी है. यह जानकारी आपको कैसी लगी, हमें अवगत जरूर कराएं.

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