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मिसकैरेज या गर्भपात क्या है, गर्भपात कब होता है, गर्भपात के कारण, गर्भपात के लक्षण

गर्भपात अथवा मिसकैरेज हो जाना एक बहुत ही दुखद घटना होती है. गर्भपात के बाद किसी भी महिला का मानसिक रूप से उभरना काफी कठिन काम हो जाता है. इसके साथ ही महिला को शारीरिक रूप से भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आज की पोस्ट में हम गर्भपात क्या है और गर्भपात मुख्य कारण क्या है, इस बारे में चर्चा करेंगे.
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गर्भपात या मिसकैरेज क्या है?
समय से पूर्व गर्भ के समापन को गर्भपात कहते हैं, इसके अंतर्गत गर्भाशय से भ्रूण अपने आप ही प्रकृतिक तरीके से निकल जाता है या कृत्रिम तरीके से निकाल दिया जाता है. गर्भपात के बाद गर्भावस्था की समाप्ति हो जाती है. यदि गर्भपात गर्भावस्था के पहले 12 सप्ताह में होता है तो यह प्रारंभिक गर्भपात या अर्ली मिसकैरेज कहलाता है और यदि मिसकैरेज 12 सप्ताह के बाद होता है तो यह लेट मिसकैरेज कहलाता है.
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गर्भपात या मिसकैरेज कब होता है?
प्रारंभिक गर्भपात यानी कि गर्भावस्था के पहले 12 सप्ताह में गर्भपात या मिसकैरेज होने की संभावना ज्यादा रहती है. वहीं शुरुआती गर्भपात की तुलना में, लेट मिसकैरेज होने की संभावना काफी कम हो जाती है. यानी कि ज्यादातर मामलों में गर्भपात या मिसकैरेज पहले 12 सप्ताह में ही हो जाता है.
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मिसकैरेज या गर्भपात क्यों होता है और गर्भपात कैसे होता हैं? गर्भपात के कारण -
अचानक होने वाले गर्भपात या मिसकैरेज का कोई ठोस या उपयुक्त कारण नहीं होता है. ऐसे गर्भपात को रोकने का भी कोई निश्चित या सटीक उपाय या इलाज नहीं होता है. अक्सर देखा जाता है कि उन गर्भवती महिलाओ को भी गर्भपात हो जाता है जो पूर्ण रूप से स्वस्थ होती हैं. फिर भी कुछ ऐसे कारक होते हैं जो गर्भपात या मिसकैरेज होने का कारण बनते हैं. गर्भपात के मुख्य कारणों का विवरण नीचे दिया गया है.
निम्नलिखित कुछ कारण है जो गर्भपात के खतरे को बढ़ा सकते हैं.(गर्भपात या मिसकैरेज के कारण)
  • गर्भपात का एक मुख्य कारण गुणसूत्रों की गलत संख्या, यानी गुणसूत्र के असामान्यताओं या फिर किसी एक गुणसूत्र की संरचना में परिवर्तन से मिसकैरेज हो जाता है. इस तरह का मिसकैरेज सामान्यतः पहले 10-12 सप्ताह में हो जाता है.
  • अधिक उम्र की महिलाओं में गर्भपात होने कि अधिक संभावना ज्यादा रहती है.
  • यदि गर्भवती महिला स्वस्थ नही है तो भी मिसकैरेज होने की संभावना बढ़ जाती है.
  • गर्भवती महिला का ज्यादा वजन का होना या मोटापा, मधुमेह या थायराइड की बीमारी का होना भी गर्भपात का कारण बन सकता है.
  • यदि किसी महिला को गर्भाशय संबंधी कोई बीमारी या कुछ असामान्यताएं हो तो मिसकैरेज होने की संभावना रहती है.
  • गर्भवती महिला को यौन संचारित संक्रमण से भी गर्भपात होने का खतरा रहता है.
  • अधिक मात्रा में धूम्रपान, शराब अन्य नशीली चीजों का सेवन भी मिसकैरेज का कारण बनती है.
  • प्रेग्नेंट महिला की प्रेगनेंसी डाइट में अधिक मात्रा में कैफीन या कॉफी तथा ग्रीन टी लेने से भी गर्भपात होने का खतरा रहता है.
  • प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली विभिन्न जांचो की वजह से भी कई बार गर्भपात या मिसकैरेज हो जाता है.
  • कुछ फल व भोजन सामग्री जैसे पपीता, अनानास, डिब्बाबंद मछली, कच्चा दूध, विटामिन सी की अधिकता वाले खाद्य पदार्थ आदि चीजों से भी मिसकैरेज का गर्भपात होने की संभावना रहती है.
  • कुछ दवाई जैसे कि आईबुप्रोफेन और अन्य दर्द निवारक गोलियों का बिना डॉक्टर की सलाह के उपयोग में लेने से भी गर्भपात होने का खतरा रहता है.

फल या भोजन से भी मिसकैरेज या गर्भपात हो सकता है
मिसकैरेज या गर्भपात के बाद लक्षण
Symptoms of miscarriage in Hindi

कई महिलाओं का सवाल होता है कि गर्भपात के बाद मुझे कैसे पता चलेगा कि मिसकैरेज हो गया है, तो इस हेतु गर्भपात के कुछ लक्षण होते हैं जैसे कि ब्लीडिंग शुरू होना, पेट में मरोड़ चलना, माहवारी जैसे लक्षण दिखाई देना. यह सब गर्भपात या मिसकैरेज के लक्षण हो सकते हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि यह गर्भपात के ही लक्षण हैं. इस बात का सही से पता लगाना है तो डॉक्टर से संपर्क जरुर करें, क्योंकि शुरुआती गर्भपात यानी कि अली मिसकैरेज के लक्षण को पकड़ना थोड़ा मुश्किल होता है.
गर्भपात के मुख्य लक्षण सामान्यतः निम्नलिखित होते हैं-
  • प्रेग्नेंट महिला के वेजिना से ब्लीडिंग होना यानी खून आना शुरू हो जाना गर्भपात का लक्षण हो सकता है.
  • गर्भवती महिला के पेट के निचले हिस्से में मरोड़ आना या दर्द बना रहना भी मिसकैरेज का लक्षण हो सकता है.
  • गर्भवती महिला को पेशाब करते समय यदि तेज दर्द महसूस हो तो यह भी गर्भपात का लक्षण हो सकता है.
  • प्रेग्नेंट स्त्री के पैरो में, मुख्यतः टखनों में तेज दर्द उत्पन्न होना भी मिसकैरेज का लक्षण होता है.
  • यदि आपको पीरियड आने जैसे लक्षण दिखाई दे जैसे पेट दर्द, खून के धब्बे दिखाई देना आदि भी गर्भपात के संकेत हो सकता है.
  • गर्भवती महिला के वेजिना से सफेद या गुलाबी रंग का स्त्राव होना भी गर्भपात का कारण हो सकता है.
  • इसके अलावा गर्भवती महिला के वजन में अचानक कमी होना, उसके ब्रेस्ट की सरंचना का कड़ा होना, भ्रूण की हार्टबीट बंद होना या भ्रूण के मूवमेंट में कमी आना गर्भपात के मुख्य लक्षण होते हैं.
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