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प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी । गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम

कुछ गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम और योगा नार्मल डिलीवरी में सहायक होते हैं इसलिए आज आपको प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं. जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उसे एक चिंता पूरी गर्भावस्था के दौरान रहती है की उसकी सिजेरियन डिलीवरी होगी या नार्मल डिलीवरी होगी. लेकीन हम सब जानते हैं की यह उस महिला की शारीरिक स्थिति तथा गर्भावस्था की स्थिति पर निर्भर करता है किंतु इस दौरान कुछ सावधानियां और शारीरिक एक्टिविटी भी नॉर्मल डिलीवरी में सहायक हो सकती है जैसे गर्भावस्था में व्यायाम और योगासन तथा उचित प्रेगनेंसी डाइट आदि.
गर्भवती महिला को गर्भावस्था में योगासन, व्यायाम करने में बहुत ही सावधानी की आश्यकता होती है. थोड़ी सी असावधानी से भी गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम और योग के फायदे की जगह गर्भवती महिला तथा उसके होने वाले बच्चे को बड़ी समस्या उत्त्पन्न हो सकती है. इसलिए प्रेगनेंसी में किसी विशेषज्ञ की देखरेख में तथा कुछ चुने हुए योगासन और व्यायाम ही करने चाहिए जिसकी चर्चा आज हम करेंगे और योग इन प्रेगनेंसी बी रामदेव बाबा (Yoga in pregnancy by Ramdev Baba) के बारे में भी बताएंगे.
गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम, योग इन प्रेगनेंसी बी रामदेव बाबा, गर्भावस्था में व्यायाम योगासन

प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी
Pregnancy yoga for normal delivery in Hindi

हमारी पिछली पोस्ट को पढ़कर आप यह तो समझ गए होंगे की प्रेगनेंसी में योगा बहुत ही महत्वपूर्ण तथा फायदेमंद होता है तथा इसके साथ में ही यह भी ध्यान रखें की अपनी प्रेगनेंसी की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर ही बताए गए गर्भावस्था में योगासन ही गर्भवती महिला को करना चाहिए नहीं तो गर्भावस्था में योग के फायदे की जगह नुकसान हो सकता है. अब एक महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि नॉर्मल डिलीवरी के लिए कौनसा योग करें यानी प्रेगनेंसी योगा से नार्मल डिलीवरी होने की संभावना होती है, तो इसका उत्तर यह है कि हां गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम और प्रेगनेंसी योगा से नॉर्मल डिलीवरी होने की संभावना काफी बढ़ जाती है क्योंकि प्रेगनेंसी योगा से प्रेग्नेंट महिला के शरीर में लचीलापन बढ़ता है तथा उसकी शारीरिक क्षमता में इजाफा होता है जो कि नॉर्मल डिलीवरी में सहायक है. बाबा रामदेव और अन्य योग गुरुओं के बताए प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी की जानकारी हम आपको दे रहे हैं लेकिन एक बात का ध्यान रखें की सिर्फ गर्भावस्था में योगासन या व्यायाम से शत प्रतिशत नॉर्मल डिलीवरी होगी, यह कहना सही नहीं है क्योंकि डिलीवरी होने की टाइम गर्भ में शिशु की स्थिति और गर्भवती महिला की शारीरिक क्षमता के अनुसार ही नॉर्मल डिलीवरी होने या नहीं होने की संभावना बनती हैं.
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महत्वपूर्ण प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी । गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम
अब हम आपके सवाल का जवाब देते हैं की गर्भावस्था में कौन से प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी करने चाहिए यानी प्रेगनेंसी में कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए जिससे नार्मल डिलीवरी होने के चांसेज बढ़ जाए. प्रेगनेंसी में गर्भवती महिला और उसके शिशु के विकास हेतु बाबा रामदेव और अन्य योग गुरुओं ने अनेक प्रकार के योग बताए गए हैं जो नार्मल डिलीवरी होने की संभावना को भी बढ़ाते हैं, इनमें से प्रमुख योगासन की जानकारी आज की पोस्ट में देंगे. नीचे बताए गए गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम प्रेग्नेंट महिला को कितनी देर तक करना चाहिए तथा किस समय करना चाहिए, यह आपकी प्रेगनेंसी की स्थिति पर निर्भर करता है. इसलिए किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह से ही अपने लिए उपयुक्त योगा और एक्सरसाइज का चयन करना चाहिए. कुछ महत्वपूर्ण प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी तथा गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम निम्नलिखित है-
1- प्रेगनेंसी में वक्रासन योगासन
गर्भावस्था में योगासन में वक्रासन एक महत्वपूर्ण योगदान रखता है. प्रेगनेंसी में वक्रासन को करते वक्त ध्यान रखना चाहिए कि प्रेग्नेंट महिला योग करते समय अधिक जोर न लगाएं तथा किसी विषेषज्ञ की देखरेख में या उनसे सलाह लेकर ही करें. अब हम आपको बताते हैं की प्रेग्नेंट महिला वक्रासन योग कैसे करें-
  • दोनों पैर सामने की ओर फैलाकर सीधा बैठ जाएं.
  • अब सांस भीतर लेते हुए दोनों हाथों को कंधे की सिध में फैलाएं और हथेलियों का मुंह नीचे की ओर करें.
  • अब सांस छोड़ते हुए कमर से ऊपर के भाग को जितना मोड़ सकें, उतना मोड़ें.
  • फिर सांस लेते हुए सामान्य अवस्था में आएं.
  • अब इस विधि को दूसरी दिशा में कमर मोड़ते हुए एक बार और दोहराएं और फिर सामान्य मुद्रा में आ जाएं.
इस तरह वक्रासन योग काफी सरल और लाभदायक है लेकिन जैसा की हमने बताया गर्भावस्था में व्यायाम सावधानी से और आराम से करे तथा शरीर पर ज्यादा जोर नही डाले.
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2- गर्भवती के लिए तितली आसन योगा
गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम में तितली आसन के फायदे यह है की इससे गर्भवती महिला को विभिन्न शारीरिक दर्द से आराम मिलता है. योग इन प्रेगनेंसी बी रामदेव बाबा यानी रामदेव बाबा द्वारा बताए गए गर्भावस्था में व्यायाम में से एक तितली आसन करने से गर्भवती महिला के शरीर का लचीलापन बढ़ता है जिससे डिलीवरी के समय गर्भवती महिला को दिक्कत कम होती है और नार्मल डिलीवरी होने में आसानी होती है. आइए जानते हैं की प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी हेतु तितली आसन योगा कैसे करें-
  • तितली आसन करने के लिए दोनों पैरों को सामने की ओर मोड़कर, तलवे सटा ले.
  • फिर दोनों हाथों की उंगलियों को क्रॉस करते हुए पैर के पंजे पकड़ें और पैरों को ऊपर-नीचे करें.
  • इस समय पीठ और बाजू बिल्कुल सीधे रखें.
  • इस योग क्रिया को 15 या 20 से अधिक बार नही करें नही तो फायदे की जगह तितली आसन के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
3- गर्भावस्था में उष्ट्रासन योग
प्रेगनेंसी में उष्ट्रासन योग भी काफी मददगार साबित होता है. गर्भावस्था में उष्ट्रासन योग करने से प्रेग्नेंट महिला के खून का प्रवाह सुचारू होता है. तो आइए जानते हैं की गर्भावस्था में उष्ट्रासन करने की विधि और इसके लाभ क्या है-
  • इस योगा को करने के लिये जमीन पर दरी बिछाकर घुटनों के बल खड़े हो जाएं.
  • फिर अपने दोनों घुटनो तथा एड़ी और पंजों को मिलाकर रखें.
  • अब सांस को अंदर खींचते हुए धीरे धीरे शरीर को पीछे की और झुकायें.
  • अब दोनो हाथों से दोनो एड़ियों को पकड़ने की कोशिश करें.
  • इस स्थिति में ठोड़ी ऊपर की ओर रखें और गर्दन को सीधा रखें.
  • सांस लेते हुए इस स्थिति में 30 सैकेंड से 1 मिनट तक रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं. इस तरह से गर्भावस्था में व्यायाम हेतु उष्ट्रासन योग की प्रक्रिया पूरी होती है.
4- प्रेगनेंसी में पर्वतासन योगा
प्रेगनेंसी में पर्वतासन के लाभ काफी होते हैं जिनमे प्रमुख है की गर्भावस्था में इस योगासन को करने से कमर दर्द, पीठ दर्द में आराम मिलता है जो इस समय की बड़ी समस्या होती है. तो जानते हैं की प्रेगनेंसी में पर्वतासन कैसे करते हैं-
  • गर्भवती महिला को पर्वतासन योग को करने के लिए सबसे पहले सुखासन कि मुद्रा में आराम से बैठ जाएं और पीठ सीधी रखें.
  • सांस भीतर लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और हथेलियों को नमस्ते की मुद्रा में जोड़ लें.
  • कुछ देर के लिए इस मुद्रा में रहें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं.
  • इस गर्भावस्था में योगासन को दो या तीन से अधिक बार न दोहराएं नही तो पर्वतासन के लाभ की जगह नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
5- गर्भावस्था में शवासन व्यायाम
गर्भावस्था में व्यायाम में शवासन के फायदे और महत्व काफी होता हैं क्योंकि शवासन योग करने से गर्भवती महिलाओं को मानसिक मजबूती और शांति मिलती है तथा गर्भ में पल रहे शिशु का विकास भी अच्छी तरह होता है, तो जानते है प्रेगनेंसी में शवासन कैसे करें -
  • इस योग को करने के लिए बिस्तर पर सीधा लेट जाएं.
  • अपने हाथ-पैर को खुला छोड़ दें.
  • पूरी तरह तनावमुक्त हो जाएं.
  • फिर धीरे-धीरे लंबी सांस ले और छोड़ें.
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6- प्रेगनेंसी में अनुलोम विलोम योगासन
गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम में अनुलोम विलोम योग भी प्रमुख है. प्रेगनेंसी में अनुलोम विलोम योग के लाभ यह है की इसे करने से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है तथा साथ ही ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहता हैं. गर्भावस्था में अनुलोम विलोम योगासन से गर्भवती स्त्री तनावरहित रहती हैं और थकान भी कम महसूस होती है. प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी हेतु अनुलोम विलोम कैसे करें -
  • अनुलोम विलोम करने हेतु सबसे पहले सुखासन में बैठ जाएं.
  • फिर दाएं हाथ के अंगूठे से नाक का दाया छिद्र बंद करें और सांस भीतर की ओर खींचे.
  • फिर उसी हाथ की दो उंगलियों से बाईं ओर का छिद्र बंद कर दें और अंगूठा हटाकर दाईं ओर से सांस छोड़ें.
  • इसी प्रक्रिया को फिर नाक के दूसरे छिद्र से दोहराए.
अब तक इस पोस्ट में योग इन प्रेगनेंसी बी रामदेव बाबा (Yoga in Pregnancy by Ramdev Baba) और अन्य योग गुरुओं के बताए विभिन्न गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम यानी प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी के बारे में विस्तार से बताया गया है. इसके अलावा कुछ अन्य महत्वपूर्ण योगासन भी गर्भवती महिलाएं किसी अच्छे डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह से कर गर्भावस्था के दौरान कर सकती है जो निम्नलिखित हैं -
  • ताड़ासन
  • वृक्षासन
  • उत्त्कट आसान
  • अर्ध शलभासन
  • मरकट आसन
  • भद्रासन
  • अर्धमस्येन्द्रसन योग

गर्भावस्था में योग के फायदे
गर्भावस्था में व्यायाम और योगासन का प्रमुख फायदा तो यह है कि यह आपके प्रेगनेंसी पीरियड को आसानी से पूरा करने में सहायक होता है तथा यह नॉर्मल डिलीवरी होने में भी मदद करता है. यदि आप इस पोस्ट में बताए गए बाबा रामदेव और अन्य योग गुरु के प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी (Pregnancy Yoga for normal delivery) को सही तरीके से करते हैं तो यह काफी फायदेमंद साबित होते हैं. हालांकि गर्भावस्था के दौरान योगा हमेशा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए क्योंकि डॉक्टर और विशेषज्ञ आपकी प्रेगनेंसी के हिसाब से योगा और व्यायाम करने की सलाह देते हैं तो यह गर्भवती महिला के लिए काफी महत्वपूर्ण और फायदेमंद है. प्रेगनेंसी में योगा करने से प्रेग्नेंट महिला का शरीर लचीला रहता है और कमर दर्द, पीठ दर्द आदि में आराम मिलता है.
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गर्भावस्था में प्राणायाम
गर्भावस्था में व्यायाम में प्राणायाम भी एक बेहतर योग हैं. गर्भावस्था में प्राणायाम योग करने से गर्भवती महिला के शरीर का रक्त संचरण सुधरता है तथा ऑक्सीजन का स्तर बनाए रखता है. गर्भावस्था में प्राणायाम करने से प्रेग्नेंट महिला को तनाव से छुटकारा दिलाता है. लेकिन इसके साथ प्रेगनेंसी में प्राणायाम करते समय यह ध्यान रखें कि सांस को ज्यादा देर तक रोके नहीं, इससे गर्भवती महिला को बेहोशी जैसा महसूस हो सकता है. अपनी प्रेगनेंसी की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही निश्चित करे की गर्भावस्था में कौनसा प्राणायाम योग करना चाहिए.

प्रेगनेंसी में योगा कब शुरू करना चाहिए
प्रेगनेंसी में अलग-अलग योग अलग-अलग समय के लिए उपयुक्त होते हैं, जैसे कि प्राणायाम आप पूरी प्रेगनेंसी के दौरान कर सकते हैं, उष्ट्रासन, अनुलोम विलोम आदि योगा भी नौ महीने की गर्भावस्था तक कर सकते हैं. जबकि कुछ योगासन 3 से 6 महीने के लिए उपयुक्त होते हैं. कुछ योगासन गर्भावस्था की शुरुआत तक ही अच्छे रहते हैं. कपालभाती जैसे योगासन गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए. इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान योगा करने से पहले किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह से लेवे.

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इस तरह गर्भावस्था में किये जाने वाले व्यायाम से संबंधित हमारी यह पोस्ट प्रेगनेंसी योगा फॉर नार्मल डिलीवरी यही पर समाप्त होती है जिसमे आपने योग इन प्रेगनेंसी बी रामदेव बाबा के बारे में विस्तार से जाना. गर्भावस्था में व्यायाम के अलावा गर्भावस्था में योगासन और गर्भावस्था में योग के फायदे के बारे में भी बताने की चेष्टा हमने की है. यह पोस्ट आपको कैसी लगी तथा इसमें क्या सुधार की जरूरत है, इसके बारे में हमें जरूर बताएं.
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